Skip to main content

CG TOP NEWS

BREAKING
*बालोद–गुंडरदेही मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों का बेखौफ दौड़ना जारी, राहगीरों की सुरक्षा पर उठे सवाल क्या नियम क़ायदा क़ानून सिर्फ़ गरीबो के लिए रसूखदारों के सामने प्रशासन क्यों है लाचार**बालोद गुंडरदेही में स्टाम्प की ओवररेट बिक्री से जनता परेशान, कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल**बालोद फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण से हाईटेक होगी बालोद पुलिस* *NAFIS तकनीक से अब एक क्लिक में अपराधियों की पूरी जानकारी**बालोद दल्ली राजहरा नगर के हर गली-मोहल्ले व प्रत्येक वार्ड में अवैध रूप से बिक रही शराब बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध नहीं लगा तो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की चेतावनी**बालोद में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: शिक्षक की कमी और पुस्तकों के इंतजार में छात्र, आखिर कौन लेगा जिम्मेदारी कलेक्टर भी नहीं है गंभीर*
IMG-20260613-WA0022

 

जिला अस्पताल दुर्ग की एक और घोर लापरवाही सामने आई

 

 

 

 

दुर्ग -अय्यूब खान सचिव प्रदेश कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने जानकारी दी कुछ दिनों पुर्व 5 जून को रात्रि 11 बजे की प्रकरण है जिसमें

दुर्ग जिला अस्पताल में डॉक्टर की घोर लापरवाही और गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल दुर्ग एक डॉक्टर द्वारा मरीज आलिया खान जो नीट की तैयारी कर रही छात्रा है जिसका परीक्षा आगामी होने को प्रस्तावित है इस छात्रा तेज बुखार होने के कारण जिला अस्पताल दुर्ग लाया गया जहां वहां पे उपस्थित डाक्टर ने कठोर रवैया अपना कर यह कहकर दुसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया कि “उसका किडनी-लीवर खराब है, इसका इलाज यहाँ नहीं होगा, मेकाहारा रायपुर ले जाएँ “।

 

इस डर के कारण मरीज के परिजन उसे दूसरे निजी अस्पताल चंदूलाल चंद्राकर में भर्ती कराए, जहाँ जांच के बाद पता चला कि आलिया खान को केवल सामान्य बुखार था। इलाज के बाद वह पूर्ण रूप से ठीक होकर घर भी चली गई।

बाद इसकी जानकारी मरीज परिवारजनों द्धारा मुझे दिया गया।

उक्त डॉक्टर की के व्यवहार को संज्ञान में लाने उनके परिवारजन के साथ दुर्ग अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर मिंज से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दिया गया

 

सिविल सर्जन द्वारा इस प्रकरण का पूरा लिखित शिकायत उनके समक्ष दिया गया शिकायत के आधार पर दो दिन में जांच कर कार्यवाही करने की बात सिविल सर्जन द्वारा कहा गया ।।

 

 

अय्यूब खान ने कहा कि उक्त डॉक्टर पर मरीज को गलत जानकारी देकर गुमराह करने,.मरीज व परिजनों से दुर्व्यवहार करने, और बिना समुचित जांच के रेफर करने के आरोप में तत्काल विभागीय जांच कर कठोर कार्यवाही की जाए।

यदि दोषी डॉक्टर पर कार्यवाही नहीं हुई तो गरीब मरीजों का सरकारी अस्पतालों से भरोसा उठ जाएगा। जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए। सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में मो. रफीक , अज्जू वाजिद, श्रीमती रुक्कैया,अनीसअकील चौहान अख्तर चौहान मौजूद रहे

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: चोरी करना पाप है