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“रमजान छुट्टी विवाद गरमाया, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग”

 

“वायरल आदेश पर सियासत तेज, सच क्या — सरकार या वक्फ बोर्ड”

 

बालोद :— रमजान माह के दौरान शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को ड्यूटी समय समाप्ति से एक घंटे पहले छुट्टी दिए जाने संबंधी कथित आदेश को लेकर छत्तीसगढ़ में विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव शेख मतीन ने बयान जारी कर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 19 फरवरी को वक्फ बोर्ड से जारी एक पत्र में रमजान माह के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति शासन द्वारा दिए जाने का उल्लेख किया गया था। यह पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ, हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया।

मतीन ने बताया कि इसके अगले दिन अल्पसंख्यक विभाग के सचिव अनुपम द्विवेदी द्वारा आधिकारिक पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया कि राज्य शासन की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है और वायरल जानकारी भ्रामक व निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सही जानकारी कौन दे रहा है — वक्फ बोर्ड या शासन का आधिकारिक विभाग।

उन्होंने मांग की कि यदि किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए और आवश्यक होने पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी जानी चाहिए।

प्रदेश सचिव मतीन ने वक्फ से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्टता की मांग करते हुए कहा कि यदि नए वक्फ कानून को समुदाय के हित में बताया जा रहा है तो पुराने और नए प्रावधानों के बीच अंतर तथा उससे होने वाले वास्तविक लाभों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड की मूल जिम्मेदारी वक्फ संपत्तियों की निगरानी, संबंधित समितियों का पंजीयन, मुतवल्ली चुनाव तथा अतिक्रमण संबंधी मामलों में प्रशासन को अवगत कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के समय में बोर्ड की ओर से ऐसे आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है।

उन्होंने कहा कि रमजान जैसे संवेदनशील धार्मिक विषयों से जुड़े मामलों में तथ्यात्मक और जिम्मेदार जानकारी ही जारी की जानी चाहिए, ताकि समाज में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष से पद की गरिमा बनाए रखते हुए स्पष्ट और प्रमाणिक जानकारी जारी करने की अपील की है।

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