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मजदूर का बेटा अग्निवीर के लिए हुआ चयनित, देवारभाट गांव में जश्न का माहौल, ट्रेनिंग के लिए सम्मान के साथ दी गई विदाई

 

बालोद। बालोद जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम देवारभाट में एक गरीब परिवार मजदूर का बेटा अग्नि वीर के लिए चयनित हुआ है। जिसका नाम 19 वर्षीय फनीष कुमार है। उक्त युवक जब 11वीं की पढ़ाई कर रहा था तब से आर्मी में जाने की तैयारी साथ-साथ कर रहा था। गांव में चयनित अन्य जवानों को देख वह प्रेरित होता था। हाइट अच्छी होने के चलते वह शुरुआत से ही आर्मी में जाने का सपना संजोए हुए पढ़ाई कर रहा था और गांव के स्कूल मैदान में रोजाना अभ्यास किया करता था। अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना भी उसका मकसद था। क्योंकि माता अंजनी और पिता दौलत राम ठाकुर रोजी मजदूरी के भरोसे ही गुजारा कर रहे हैं। परिवार में उनकी एक छोटी बहन भी है। सभी की जिम्मेदारी भविष्य में फनीष कुमार पर ही आने की थी। जिसकी तैयारी के लिए साथ ही देश सेवा के जज्बे के साथ वह आर्मी की तैयारी कर रहा था और पहले ही प्रयास में वह अग्नि वीर के लिए चयनित हो गया। वह ठान रखा था कि कैसे भी करके मुझे अग्निवीर में चयनित होना है। इसलिए उसने 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई शुरू ही नहीं की थी और लगन के साथ शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारी दोनों में लगा रहा और उसे सफलता मिल गई। गरीब परिवार से अग्नि वीर के लिए चयनित होने से गांव में जश्न का माहौल रहा तो वहीं फनीष अपनी ट्रेनिंग लेने के लिए सिकंदराबाद रवाना हो चुका है। इस अवसर पर ग्राम वासियों ने उन्हें गौरवपूर्ण विदाई दी। उनका तिलक लगाकर अभिनंदन किया और उज्जवल भविष्य की कामना की। फ़नीष कहता है कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह आगे पढ़ भी नहीं पाया। 12वीं गणित विषय लेकर झलमला हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई किया था। वह बचपन से ही सोच रखा था कि एक दिन में आर्मी में जाऊंगा और अपने इसी सोच के कारण वह एक ही दिशा में प्रयासरत रहा और उसे सफलता मिल गई। उनकी सफलता से गांव के अन्य युवा भी उत्साहित हैं और देश सेवा में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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