बालोद में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: शिक्षक की कमी और पुस्तकों के इंतजार में छात्र, आखिर कौन लेगा जिम्मेदारी कलेक्टर भी नहीं है गंभीर
बालोद। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद अनेक छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा से भी इस विषय पर चर्चा की गई लेकिन उनका कहना है राज्य सरकार से आती हैं पुस्तके हो सकता है खत्म हो गया होगा अब इक जिम्मेदार अधिकारी आयशा जवाब दे तो जनता क्या करे,, भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन साहू से भी इस विषय पर चर्चा की गई उनका कहना है मैं बात करता हु मगर अभी तक कोई निराकरण नहीं हुवा है
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि समय पर पुस्तकें और पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उनका सवाल है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो बालोद जिले के बच्चों का भविष्य कैसे बेहतर बनेगा?
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूलों में जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी दूर की जाए और विद्यार्थियों को तत्काल पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके अब देखना है कि कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा बालोद जिले के बच्चों के लिए क्या कर करते हैं




