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बालोद।जिले के डौण्डी पेट्रोल पंप से हुई चोरी के मामले में बालोद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में प्रार्थी ही शातिर चोर निकला है। पुलिस ने ट्रक को नागपुर महाराष्ट्र से बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि 20 जनवरी को प्रार्थी ने थाना ट्रक क्र सीजी 21 जे 7111 किमत 43 लाख को 22 जनवरी की रात्रि 10-11 बजे को कोई अज्ञात आरोपी द्वारा चोरी ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में धारा 303(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर निर्देषन में व नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा विकास पाटले के पर्यवेक्षण में चोरी के ट्रक व आरोपी के पतासाजी हेतू सायबर सेल व थाना डौण्डी से विशेष टीम गठित गया था। टीम द्वारा त्रिनयन एप के माध्यम से सीसीटीवी कैमरा फुटेज का बारीकी से एनालिसिस करने पर चोरी हूए ट्रक को चिन्हांकित कर आगे रास्ते में मौजूद सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त करते हुए टीम डौण्डी, लोहारा देवरी, राजनांदगांव से सकोली ,देवरी ,नागपुर के सैकड़ो सीसीटीवी कैमरों का फुटेज को प्राप्त कर बारीकी से एनालिसिस किया गया । तकनीकी साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज के आधार पर टीम द्वारा नागुपर महाराष्ट्र के आसपास कैम्प कर ट्रक को चिन्हांकित कर उसे ट्रक को खरीदी करने वाले ट्रांसपोर्टर से उसे बरामद कर उससे पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी नरेन्द्र जायसवाल व मनेन्द्र जायसवाल द्वारा स्वयं ट्रक को नागपुर एक दलाल के माध्यम से उस ट्रांसपोर्टर के पास बेचने के लिए आया था। प्रकरण में आरोपी नरेन्द्र जायसवाल व मनेन्द्र जायसवाल को हिरासत मे लेकर बारीकी से पूछताछ करने पर बताया कि अपने बुआ के बेटा मनोज जायसवाल के नाम पर 2013 मे एक ट्रक क्रमांक सीजी 21 जे 7111 किमती 43 लाख लोन के माध्यम से खरीदा था। मांइस में गाड़ी नही लगने से किस्त नही पटा पा रहे थे। जिससे फायनेंस कंपनी द्वारा लगातार किस्त की रकम पटाने का दबाव बनाया जा रहा था। जिससे आरोपी द्वारा अपने भाई ,पिता और एक दलाल के साथ मिलकर ट्रक की चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने व बीमा की राशि से ट्रक का किस्त न पटाना पडे़ इसलिए उसे नागपुर महाराष्ट्र में बेचने की साजिश रची। दोनो भाई 22 जनवरी को रात्रि 10 बजे करीबन ट्रक को ड्राईव कर डौण्डी से राजनांदगांव होते हुए दलाल के साथ नागपुर गये वंहा एक ट्रांसपोर्टर कलवंत सिंह से मिले और ट्रक का सौदा कर वाहन का पेपर कलर कापी मे उसे दिये । ट्रांसपोर्टर से पूछताछ पर आरोपी द्वारा ट्रक अपने बूआ के बेटे का होना एवं उसकी सहमति से ट्रक को विक्रय करने संबधि झूठ बोला जाना बताया गया।

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