Skip to main content

CG TOP NEWS

BREAKING
*बालोद–गुंडरदेही मार्ग पर ओवरलोड ट्रकों का बेखौफ दौड़ना जारी, राहगीरों की सुरक्षा पर उठे सवाल क्या नियम क़ायदा क़ानून सिर्फ़ गरीबो के लिए रसूखदारों के सामने प्रशासन क्यों है लाचार**बालोद गुंडरदेही में स्टाम्प की ओवररेट बिक्री से जनता परेशान, कार्रवाई नहीं होने पर उठ रहे सवाल**बालोद फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण से हाईटेक होगी बालोद पुलिस* *NAFIS तकनीक से अब एक क्लिक में अपराधियों की पूरी जानकारी**बालोद दल्ली राजहरा नगर के हर गली-मोहल्ले व प्रत्येक वार्ड में अवैध रूप से बिक रही शराब बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध नहीं लगा तो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की चेतावनी**बालोद में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: शिक्षक की कमी और पुस्तकों के इंतजार में छात्र, आखिर कौन लेगा जिम्मेदारी कलेक्टर भी नहीं है गंभीर*

CG TOP NEWS

बालोद।जिला मुख्यालय से लगे नेशनल हाईवे 930 बालोद दुर्ग मुख्य मार्ग में तांदुला नदी पर बने पुल के पथ में आधे दर्जन से अधिक गड्डे व दरार पड़ गई है। जहां सरिया और कंकरीट अलग हो गए हैं। साथ ही वाहनों की धमक से दरार भी आ गई हैं। कंक्रीट लगातार क्षतिग्रस्त हो जाने से इस पुल पर भारी वाहनों का खतरा बढ़ गया है। जिम्मेदारों को सूचना दिए जाने के बाद भी सेतु की मरम्मत नहीं करवाई जा रही ।वही इसी पुल से प्रतिदिन गुजरकर कलेक्टर, एसपी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तर पहुंचते हैं, पुल में हिचकोले खाने के बाद भी अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने कोई पहल नहीं कर रहे हैं। इसमें लोगो को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तांदुला पुल में जगह-जगह गिट्टियां उखड़ने से पुल पर आधा दर्जन से अधिक बन गए गड्ढे

जानकारी के अनुसार यह तांदूला नदी सेतु विभाग ने करोड़ों की लागत से 2008 व 2009 में पुल का निर्माण किया था। उक्त पुल के नीचे तांदुला नदी की धारा बहती है। जो कभी भी सुखती नहीं है। इसके ऊपर पुल की सड़क है। यह पुल 198 मीटर लंबा है।तांदुला जलाशय छलकने के वजह से तांदुला नदी में बाड़ आ जाती थी। बाड़ से लोगो को राहत देने के लिए सेतु विभाग द्वारा तांदुला नदी पर लगभग 6 करोड़ की लागत से बने पुल की हालत खराब है। दर्जनों खंभों पर बने 198 मीटर लंबा पुल का निर्माण 2008 09 में हुआ था। अब जगह-जगह गिट्टियां उखड़ने से पुल पर आधा दर्जन से अधिक गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में फंसकर यात्री चोटिल हो रहे हैं लेकिन किसी जिम्मेदार का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है।

पुल से निकलकर झांक रही छड़

तांदुला सेतु पुल पर जगह- जगह गड्ढे हो गये है और दरारे आ गये है तथा जगह-जगह पर स्लेप टुट जाने से छड बाहर निकल गया है जिसमे राहगीरों को गुजरना पड़ रहा है जो कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है। सेतु विभाग द्वारा पिछले वर्ष मलमल पट्टी लगाया जाता है लेकिन दो-चार दिनों में उखड़ने लगता है सेतु विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जन प्रतिनिधियो ने लगातार जानकारी देने के बाद भी कोई सुध नही लिया जा रहा है।वही जर्जर पुल पर भारी वाहनो का गुजरना एक खतरा बना हुआ है। तांदुला सेतु पुल की हालत बहुत खराब हो गया है लेकिन विभाग कुम्भकरण के नींद में सोये हुये है। तांदुला सेतु से कई जिला से और राज्य से भी आवागमन से सम्बंधित है और हमेशा बड़े वाहनो के चलते पुल बहुत ही जर्जर होने लगा है। एक ओर सेतु विभाग अपने दिखावा साबित करने में लगे है। पुल में गड्ढे होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: चोरी करना पाप है