बालोद।शहर से लेकर गांवों में भालू की दस्तक के बाद लोगों में दहशत की स्थिति है। वन विभाग 3 पिंजरे के भरोसे सुरक्षा का दावा कर रही है। दावा किया जा रहा है कि शहरी क्षेत्र में भालू आने पर कैप्चर कर लिया जाएगा। दो दिन पहले लोगों ने दैहान के हनुमान मंदिर के अलावा दानीटोला, शहरी क्षेत्र में भालू देखे थे। जिसके बाद वह कहीं नजर नहीं आया। वहीं दैहान, दानीटोला क्षेत्र में रोजाना भालू दिखने की सूचना वन विभाग को मिल रही है।विभागीय अफसर स्वीकार कर रहे है कि बारिश होने से जंगल में गीलापन हो जाता है। जो भालू को पसंद नहीं है। इसके अलावा खाने के फल नहीं मिलते। इस वजह से भालू जंगल को छोड़कर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचते है। फिलहाल बालोद डिविजन के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी कभी भी भालू दस्तक दे सकता है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित है। कहां-कहां पिंजरे रखे है, सुरक्षा की क्या तैयारी है। इस सवाल पर विभागीय अफसर गोपनीयता का हवाला देकर कुछ कहने से बच रहे है। एक ओर जिले में 25 भालू होने का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है।
भालू का जंगल से निकलकर शहर और गांव की गलियों तक पहुंचना लोगों के लिए डर का कारण बन रहा है। तीन दिन पहले शहरी क्षेत्र में भालू दिखा, इससे पहले जिला अस्पताल परिसर में रात करीब 1 बजे भालू पहुंच चुका है। नया बस स्टैंड के ऊपर शीतला मंदिर सहित शहर के दूसरे हिस्सों में भी भालू की मौजूदगी सामने आ चुकी है। इधर बालोद ब्लॉक के दैहान और दानीटोला क्षेत्र में ग्रामीणों से रोजाना भालू दिखने की सूचना वन विभाग को मिल रही है। जंगल से सटे गांव ही नहीं, अब शहर के आबादी वाले इलाके में भी भालू की आवाजाही से अछूते नहीं हैं। जिला अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर भालू पहुंचने की घटना 27 अगस्त को सामने आई थी। बालोद शहर सहित दैहान, दानीटोला में भालू की दस्तक से दहशत का माहौल है, सुरक्षा के क्या इंतजाम है? – गोपनीय स्थानों पर पिंजरे की व्यवस्था हो चुकी है। लोगों के साथ भालू को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी है। { रेस्क्यू के बाद भालू को जंगल सफारी में ले गए थे, वहां से दोबारा जंगल में छोड़ने की नौबत क्यों आई? – जंगल सफारी में इलाज के बाद भालू की स्थिति ठीक होने के बाद जिले के जंगल में छोड़े है। { मरदेल के ग्रामीणों का कहना है कि गांव से 500 मीटर दूर भालू को छोड़ दिया गया, इस वजह से दहशत का माहौल है? – गांव से 4 किमी दूर जंगल में भालू को छोड़ा गया था। { बालोद के जिला अस्पताल, नए बस स्टैंड सहित आसपास भालू दिख चुके है, सुरक्षा के लिए विभाग क्या कर रही है? – बालोद डिविजन अंतर्गत भालू के लिए तीन पिंजरा लगा है। रेस्क्यू कर लिया जाएगा। उसकी निगरानी की जा रही है।





