बालोंद।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का हवाला देते हुए मांग की कि राज्य में भी ‘युवा संवाद’ का आयोजन किया जाना चाहिए। बघेल ने वर्ष 2024 की प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां सही उत्तर देने वाले और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को समान अंक मिले हैं।इसके चलते गलत जवाब देने वाले लोग भी सफल होकर नौकरी पा गए, जिससे प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2024 की परीक्षा का पूरा पेपर सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि जब इंटरव्यू रोक दिए गए हैं, तो इस मामले में अब तक एफआईआर और औपचारिक जांच क्यों नहीं शुरू की गई है। बघेल ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।एकलव्य विद्यालय के एक छात्र की आत्महत्या के मामले में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के बयान पर भी भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्री के उस बयान पर जिसमें उन्होंने राज्य सरकार का सीधा नियंत्रण न होने की बात कही थी, बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने और जांच कराने का पूर्ण अधिकार राज्य सरकार के पास है। पुलिस और प्रशासन मिलकर मामले की गहराई से जांच कर सकते हैं, फिर सरकार इस पर कदम उठाने से क्यों बच रही है।
फिर उठाया आवास का मुद्दा
इसके अलावा, आवास योजनाओं के आंकड़ों को लेकर भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान लगभग 14 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे, जबकि पूर्व रमन सिंह सरकार के समय यह आंकड़ा मात्र चार लाख के आसपास था। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बयानों में अंतर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर 18 लाख आवासों के दावे और वास्तविक धरातल की स्थिति में इतना फर्क क्यों है।
विजय शर्मा की चुनौती पर पलटवार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा नक्सलवाद और झीरम मामले पर दी गई खुली बहस की चुनौती पर भूपेश बघेल ने अपने अंदाज में कटाक्ष किया। उन्होंने विजय शर्मा को ‘छोटा रिचार्ज’ कहकर संबोधित किया और कहा कि पहले भी वे बहस के लिए जा चुके हैं।





