*सदर रोड में ‘आधा-अधूरा’ विकास: जनसेवक उमेश कुमार सेन ने उठाया जनता का दर्द; बोले– “दुकानें तो टूटीं, पर सड़क के बीच खड़े बिजली पोल कब हटेंगे?*”
*अतिक्रमण हटा पर आफत बरकरार: जनसेवक उमेश कुमार सेन ने प्रशासन को घेरा, कहा– “सदर रोड के ट्रैफिक जाम का असली विलेन बिजली पोल और ट्रांसफार्मर!*”
शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य व्यापारिक मार्ग ‘सदर रोड’ में अतिक्रमण हटाने के बाद भी जस की तस बनी अव्यवस्था के खिलाफ अब जनहित की आवाज मुखर होने लगी है। जन-जन की समस्याओं के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले और जनहित में *समर्पित सजग जनसेवक उमेश कुमार सेन* ने इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
उमेश कुमार सेन ने आम जनता और प्रभावित व्यापारियों का पक्ष लेते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर कई परिवारों और छोटे दुकानदारों के आशियाने व रोजगार उजाड़ दिए गए, लेकिन सड़क के बीचों-बीच मौत बनकर खड़े बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर को छूने की जहमत तक नहीं उठाई गई।
“गरीबों पर बुलडोजर, तो सरकारी बाधा पर खामोशी क्यों?” — उमेश कुमार सेन
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए जनसेवक उमेश कुमार सेन ने कहा:

अतिक्रमण पॉल के अंदर से 5 से 6 फीट अंदर अतिक्रमण हटाया गया तो पोल भी शिफ्टिंग होनी चाहिए
“प्रशासन ने यातायात व्यवस्था सुधारने का दावा कर कई छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित कर दी। लोगों ने विकास की आस में इस नुकसान को भी बर्दाश्त कर लिया। लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुकानें हटा दी गईं, तो सड़क को ब्लॉक कर के खड़े बिजली के खंभे और विशालकाय ट्रांसफार्मर अब तक क्यों नहीं व्यवस्थित किए गए? क्या प्रशासन की कार्रवाई का मापदंड केवल कमजोर वर्ग तक ही सीमित है?”
हादसों को आमंत्रण देते बिजली पोल, जनता त्रस्त
सदर रोड पर अतिक्रमण हटने के बाद स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो गई है। सड़क चौड़ी होने से वाहनों की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन बीच रास्ते में खड़े ये बिजली के पोल अब ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बन चुके हैं। व्यस्त समय में ये पोल न केवल भारी जाम का कारण बनते हैं, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर पल दुर्घटना का सबब बने हुए हैं।
प्रशासन और बिजली विभाग मिलकर बनाएं ठोस योजना
*जनसेवक उमेश कुमार सेन* ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल एक संयुक्त और प्रभावी कार्ययोजना बनाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक इन पोलों और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट या अंडरग्राउंड नहीं किया जाता, तब तक सदर रोड की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान असंभव है।
श्री सेन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन किसी एक वर्ग को निशाना बनाने के बजाय निष्पक्षता से काम करेगा और सदर रोड को वास्तव में सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगा, ताकि शहर के हर नागरिक को वास्तविक विकास का लाभ मिल सके।




