बालोद। बालोद जिले के ग्राम उमरादाह में संचालित प्राइवेट स्कूल के कक्षा आठवीं के छात्र सैय्यद तौसिफ ने स्कूल से घर आने के बाद अपने कमरे में फांसी लगाकार आत्महत्या करने को लेकर अब मामला तुल पकड़ने लगा है। मृतक के पिता और मुस्लिम समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर ब्लेज एकेडमी स्कूल के प्राचार्य रीना थामस के खिलाफ अपराध दर्जकर कार्यवाही किए जाने की मांग किया है।वही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग दिल्ली और शिक्षा मंत्री को भी पत्र प्रेषित किया गया है।
होमवर्क नहीं किए हो कहकर मेरा पुत्र को दो पीरियड रिशेपशन पर खडा कर की गई करवाई
मृतक छात्र के पिता एसके आसिफ रिजवी ने बताया कि मेरा पुत्र सैय्यद तौसिफ उम्र 14 वर्ष ब्लेज एकेडमी स्कूल बालोद में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत था। 10 फरवरी को प्रातः 08 बजे अपने दोनों बच्चों को स्कुल छोडकर घर आया उसी दिन सुबह 09.06 मिनट पर ब्लेज एकेडमी स्कुल के स्टॉफ अनीता साहू के मांबाईल नंबर से फोन आया था । मेरी पत्नी रजिया परवीन ने फोन नंबर 7224012482 में कॉल किया तो वहां के स्टॉफ ने बताया कि प्रिंसिपल मैडम ने 12.00 बजे मिलने के लिये बुलाया है। उक्त तिथी को चुनाव कार्य में व्यस्त होने के कारण मैं नियत समय पर प्रिंसिपल मैडम से मिलने नही जा पाया। मेरी पत्नी जब बच्चों को लेने शाला पहुँची तो तौसिफ से पुछी क्या हुआ था मैडम क्यो बुलाई है, तो वह बोला कि मैं होमवर्क किया था फिर भी मैडम होमवर्क नहीं किए हो कहकर है मेरे पुत्र को दो पीरियड रिशेपशन पर खडा करवाई थी। घर आने पर वह गुमसुम था। वह अपने रूम में पढने चला गया। शाम को नाश्ता करने के लिये उठाया तो वह दरवाजा नहीं खोला मैं बार-बार दरवाजा खटखटाता रहा फिर मुझे शंका हुआ तो खिडकी के परदे से देखा तो वह पंखे से लटका नजर आया। मैं जोर-जोर से खिडकी को खटखटाया तो खिडकी का लॉक खुल गया फिर डंडे की सहायता से दरवाजा खोला। इसी बीच मेरी पत्नी के जोर-जोर से रोने के कारण आसपास के लोग इक्टठा हो गये थे। मैं अपने बच्चे को एंबुलेस की सहायता से सरकारी हॉस्पीटल ले गया जहाँ डॉक्टरों के द्वारा चेकअप करने के बाद मेरे पुत्र को मृत घोषित किर गया।
फीस जमा करने में देरी होने के कारण प्रिसिपल मैडम से हो चुकी है बहस
मृतक के पिता ने बताया कि मेरे द्वारा पूर्व मे फीस जमा करने में देरी होने के कारण प्रिसिपल मैडम से मेरी बहस हो चुकी है। इसी तरह 15 अगस्त को शाला में कार्यक्रम के आयोजन के समय सभी शिक्षक शेड की छांव में खड़े थे और बच्चों को घंटो धुप में खडे करवा दिये थे जिसके कारण गार्ड के साथ मेरी पत्नी और अन्य पालको का बहस हो चुका है। इसी प्रकार से हम पालको का नाराजगी का बदला लेने के लिये मेरे बच्चों को प्रिंसिपल मैडम द्वारा टारगेट कर लगातार प्रताडित किया जाता था। घटना दिवस को भी मेरा पुत्र होमवर्क करके गया था उसके बाद भी प्रताडित एवं अपमानित करने के आशय से स्कुल के रिसेप्शन में 01.30 घंटे खड़े करवा कर उसे मानसिक रूप से प्रताडित एवं सह पाठीय छात्रों के समक्ष अपमानित किया है जिसे कारण से आत्मग्लानी व प्रताडित होकर मेरे पुत्र घटना दिवस को आत्महत्या जैसे कदम उठाया है।
स्कुल प्रबंधन को बचा रही है बालोद पुलिस
मृतक के पिता ने बताया कि मेरे बेटे की मर्ग जांच के समय बालोद थाना पुलिस के द्वारा मेरे एवं मेरे पत्नि का ब्यान लिया था तब मेरे द्वारा उपरोक्त सभी बाते बताया था, परन्तु संबंधित पुलिस अधिकारी के द्वारा हम लोगो को यह कहते हुए पुरी बातों को नही लिखा गया कि, इस मामले मे संबंधित प्राचार्य के विरूद्ध अपराध दर्ज हो रहा है, ज्यादा और लिखने की कोई जरूरत नही है, चूंकि हम लोगों कानूनी शब्दों से अनभिज्ञ है, इस कारण से तत्कालीन समय मे उनके बातों को नही समझ पायें, बाद मे पता चला कि, प्राचार्य के विरूद्ध अपराध दर्ज नही किया गया है, तब मैं बालोद थाना प्रभारी से मिलने गया तो उनके द्वारा कहा गया कि, “आपके बच्चा तो स्कुल मे और स्कुल से निकलते तक बहुत अच्छा था, खेल रहा था, हंस रहा था, इस बाबत् विडियो फुटेज मैंने देखा है, उन्हे कोई पनिशमेन्ट स्कुल के द्वारा नही दी गई हैं, इस कारण से अपराध दर्ज नही किये है। मुझे अभी तक विडियो फुटेज और पोस्टमॉटम रिपोर्ट प्रदान नही किया गया है। इससे स्पष्ट है कि, बालोद थाना पुलिस स्कुल प्रबंधन से मिल कर उन्हे बचा रहा है, इस कारण से यह शिकायत अपने पुत्र को न्याय दिलाने के लिए आपके समक्ष करने की आवश्यकता हुई है।ज्ञापन सौंपने के दौरान मृतक छात्र के पिता एसके आसिफ रिजवी सहित मुस्लिम समाज के हाजी जाहिद अहमद खान,हाजी सलीम तिगाला,अकबर तिगाला,जमील बक्स सहित अन्य शामिल रहे।



