बालोद।बालोद जिले के डोंडी ब्लॉक के ग्राम फागुनदाह के एसटीएफ जवान वासित रावटे का पार्थिव शरीर सोमवार की दोपहर को ग्रह ग्राम फागुनदाह पहुचने पर लोगो ने नम आंखों से दी विदाई, सूचना पर परिजन के साथ पूरे गांव में मातम छाया गया। वहीं अपने लाडले की वीरगति पर गर्व किए। अंतिम दर्शन के बाद पुलिस की बंदूक से सलामी के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सोमवार की दोपहर 2 बजे वासित रावटे
का पार्थिव शरीर पैतृक निवास पहुंचते ही उन्हें एक झलक देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन का तो रो-रोकर बुरा हाल था ही, वहां मौजूद हर शख्स की आंखों से आंसू की धारा बह रही थी। उन्हें पुलिस जवानों की सलामी के बाद अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा व आसपास के ग्रामवासियों की भीड़ लगी रही। वहीं जिला पुलिस प्रशासन द्वारा राजकीय सम्मान के साथ ही परिजनों ने शहीद वासित रावटे का अंतिम संस्कार किया।
10 साल पहले ज्वाइन किया था फोर्स
बालोद जिले के शहीद जवान नारद के परिजनों ने बताया कि 10 साल पहले वासित रावटे ने एसटीएफ में भर्ती होकर अपनी सेवाएं दी थीं।यह मुठभेड़ बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया कमेटी क्षेत्र के जंगल में हुई, जहां डीआरजी, एसटीएफ और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम माओवादियों से भिड़ गई। नक्सलियों से लोहा लेते हुए 33 साल की उम्र में जवान वासित रावटे शहीद हो गए।जब शहीद वासित रावटे की शहादत की खबर उनके गृह गांव फागुनदाह पहुंची, तो पूरे गांव में मातम छा गया। शहीद जवान अपनी पत्नी, दो छोटी बेटियों, और माता-पिता को पीछे छोड़ गए हैं। लगभग दस साल पहले वासित ने एसटीएफ में भर्ती होकर अपनी सेवाएं दी थीं
देश सेवा का था जज्वा
बलिदानी जवान के बड़े भाई प्रीतम कुमार रावटे ने बताया कि वे चार भाई-बहन है। वासित सबसे छोटा था, दूसरे व तीसरे नंबर की दो बहने हैं बुधनतींन राणा और मानबती मसिया, दोनों की शादी हो चुकी हैं। मां देवकी बाई खेती किसानी करती हैं। वासित की शादी को करीबन पांच साल हो गए हैं। उनका ससुराल गुरुर ब्लाक के ग्राम छेड़िया में है। पत्नी खिलेश्वरी गृहणी और दो बेटियां हैं, एक तीन व एक डेढ़ साल की। उन्होंने बताया कि वासित शुरू से ही फोर्स में जाना चाहता था, शिक्षक भर्ती में भी पोस्टिंग हो रही थी, लेकिन उसने फोर्स को चुना। करीबन 10 वर्षों बीजापुर में पदस्थ रहकर सेवा दे रहे थे।
पूर्व मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
शहीद वीर जवान के अंतिम यात्रा में पूर्व मंत्री व विधायक अनिला भेडिय़ा, पुलिस अधीक्षक एसआर भगत सहित जिले के तमाम अधिकारी, पुलिसकर्मी और ग्रामवासी बड़ी सख्या में उपस्थित थे।वही शाहिद जवान का आज बीजापुर से सेना के हेलीकॉप्टर से शहीद जवान का पार्थिव शरीर
बालोद लाया गया । जहा कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल,एसपी एसआर भगत,गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा पुलिस अधिकारियों ने शाहिद जवान की पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गईं



