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बालोद। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा राजीव भवन में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आब्जर्वर एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूची में अनियमितताओं का मुद्दा केवल विशेष गहन पुनरीक्षण तक सीमित नहीं है। कांग्रेस विभिन्न चुनावों के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, दोहरे पंजीकरण, निर्वाचन संबंधी आंकड़ों की पारदर्शिता तथा ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए और निर्वाचन प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास कायम रहना जरूरी है।

महाराष्ट्र से कर्नाटक तक मतदाता सूची पर उठाए सवाल

राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विभिन्न अवसरों पर मतदाता सूची और चुनाव संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में वृद्धि, कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों तथा हरियाणा और कर्नाटक के आलंद में मतदाता सूची से संबंधित मामलों की जांच की मांग की गई है।कांग्रेस के अनुसार, 7 फरवरी 2025 को राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच लगभग 39 लाख मतदाताओं के नाम जुड़ने को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में अगस्त 2025 के दौरान लगभग 1,00,250 मतदाताओं से संबंधित कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था। पार्टी ने इन मामलों में संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने और स्वतंत्र सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गंभीर शिकायतों को केवल राजनीतिक आरोप बताकर खारिज करने के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर उनकी जांच की जानी चाहिए। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर पारदर्शिता की मांग

पत्रकारवार्ता में निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची प्रबंधन से संबंधित चिंताओं का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड, निर्णयों और विभिन्न मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों के संबंध में जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जांच के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं का विश्वास मजबूत हो सके।

SIR में नाम हटाने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई। पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का पूरा विवरण सार्वजनिक करने, प्रभावित मतदाताओं को स्पष्ट सूचना देने और उन्हें अपील का प्रभावी अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से संबंधित मामलों और न्यायिक हस्तक्षेप का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से हटाए जाने की स्थिति में उसे अपना पक्ष रखने और निर्णय को चुनौती देने का अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने मतदाता सूची से संबंधित आंकड़े राजनीतिक दलों को सरल, उपयोगी और डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध कराने तथा नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल

कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए बदलावों पर भी आपत्ति जताई। पार्टी का तर्क है कि निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में संस्थागत संतुलन जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्ष 2023 के कानून के तहत चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने की व्यवस्था की गई। पार्टी का मानना है कि इस बदलाव से नियुक्ति प्रक्रिया में केंद्र सरकार का प्रभाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्तों को आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से संबंधित कार्यों के लिए मिले कानूनी संरक्षण की समीक्षा की मांग भी उठाई।

SIR स्थगित करने और जांच कराने की मांग

राजेश ठाकुर ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 29 सितंबर को पारित प्रस्ताव के अनुरूप पार्टी निर्वाचन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवाज उठा रही है। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया स्थगित करना, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा शामिल है।पार्टी ने मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाए गए 13.30 करोड़ नामों को बहाल करने की मांग भी रखी। इसके अलावा कांग्रेस ने कथित व्यापक अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। ये सभी कांग्रेस की ओर से उठाई गई राजनीतिक मांगें हैं।

बूथ स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन करेगी कांग्रेस

वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस बूथ स्तर पर वोट रक्षक नियुक्त कर मतदाता सूची के सत्यापन, गांवों में जनसंपर्क और चौपालों के आयोजन, मतदाताओं की समस्याओं का दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधार और अपील की प्रक्रिया में सहयोग करने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव या प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण कोई पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो।
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के साथ राष्ट्रीय रैली आयोजित करने की जानकारी दी। साथ ही “दिल्ली चलो” कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों से यात्राएं निकालकर 25 और 26 नवंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है।

संविधान के अनुच्छेद 326 का किया उल्लेख

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार का संवैधानिक आधार है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का समान अवसर मिलना चाहिए। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की शिकायत का निष्पक्ष निराकरण आवश्यक है।उन्होंने कहा कि “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के माध्यम से कांग्रेस मतदाताओं को जागरूक करने, मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रयास करेगी।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

पत्रकारवार्ता में डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, बालोद विधायक एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक लेखराम साहू सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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