बालोद। शहर के राजनांदगांव रोड स्थित संजीवनी अस्पताल के सामने हाल ही में किए गए सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सड़क किनारे पैदल आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से लगाई गई चेकर टाइल्स कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद कई स्थानों पर धंस गई हैं। स्थिति यह है कि अब ठेकेदार को उन्हीं पुरानी टाइल्स को उखाड़कर दोबारा बिछाने का काम करना पड़ रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लोगों में नाराजगी और संदेह दोनों बढ़ गए हैं। जानकारी के अनुसार सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर लगभग 5 इंच मोटाई की चेकर टाइल्स बिछाई गई थीं। इस कार्य का उद्देश्य पैदल चलने वालों के लिए बेहतर फुटपाथ उपलब्ध कराना और सड़क की सुंदरता बढ़ाना था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद टाइल्स के नीचे की सतह बैठने लगी, जिसके कारण कई स्थानों पर टाइल्स धंस गईं है। इससे पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धंसी हुई टाइल्स को सुधारने के लिए अब ठेकेदार द्वारा पुरानी चेकर टाइल्स को उखाड़कर दोबारा बेस तैयार कर उन्हें पुनः लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही गुणवत्ता के मानकों का पालन किया गया होता और मजबूत बेस तैयार किया गया होता तो इतनी जल्दी मरम्मत की नौबत नहीं आती।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि किसी भी सड़क या फुटपाथ निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण आधार (बेस) की मजबूती होती है। यदि बेस सही तरीके से तैयार नहीं किया जाए तो टाइल्स का धंसना स्वाभाविक है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा संबंधित विभाग द्वारा गुणवत्ता की निगरानी कितनी गंभीरता से की गई।
राहगीरों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से किए जा रहे विकास कार्य यदि कुछ ही दिनों में खराब होने लगें तो इससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ आम जनता का भरोसा भी कमजोर होता है।
फिलहाल ठेकेदार द्वारा धंसी हुई टाइल्स को हटाकर दोबारा बिछाने का कार्य जारी है, लेकिन यह मामला निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




