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बालोद।आकाशीय पिंडों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और आकाशीय घटनाओं को समझाने के लिए शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद में खगोल विज्ञान कार्यशाला हुई। खगोल विज्ञान और भौतिकी के व्याख्याता बीएन योगी ने 2500 मिलीमीटर व्यास वाले परावर्तक टेलीस्कोप से 100 से अधिक छात्राओं को बारी-बारी से चमकीला ग्रह शुक्र को दिखाया।शुक्र ग्रह के ऊपर वलय वाला ग्रह शनि, इसके बाद सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति और उसके चार बड़े चंद्रमा साथ ही लाल ग्रह मंगल के धरातल और चंद्रमा के क्रेटर्स का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया।

आसमान में दिखने वाले अनगिनत चमकीले तारों से बनने वाली राशियों के तारामंडल, तारों के निर्माण की नर्सरी ओरियन निहारिका और हमारे आकाशगंगा के बाद सुदूर अंतरिक्ष में स्थित निकटस्थ गैलेक्सी एंडोमेडा का अवलोकन कराया गया। व्याख्याता ने बताया कि ब्रम्हांड के रहस्यों को जानने के लिए खगोल विज्ञान और खगोलभैतिकी के अध्ययन को महत्वपूर्ण बनाता है। जिसमें आसमान में दिखने वाले अनगिनत टिमटिमाते तारे, ग्रहों, नक्षत्रों और विज्ञान के नए प्रौद्योगिकी के साथ सुदूर अंतरिक्ष पिंडो का अध्ययन किया जाता है। सहायक प्राध्यापक आरडी साहू, लक्ष्मी कोशिमा, रेशमी वर्मा, सूर्यकांत सिन्हा मौजूद थे।प्रत्यक्ष अवलोकन के पहले कार्यशाला में सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण के वैज्ञानिक कारण, दिन और रात का होना, ऋतु परिवर्तन, चंद्रमा के आकार में दैनिक परिवर्तन, विभिन्न समय में दिखने वाले तारामंडल, सूरज में जटिल चुंबकीय क्षेत्रों के कारण बनने वाले सौर धब्बे, धूमकेतु का दिखना आदि को कंप्यूटर सिमुलेशन से प्रदर्शित किया गया। टेलीस्कोप से ग्रहों के नजारे देखना सब के लिए और रोमांचक रहा। इस नजारे को छात्राएं बार-बार देखना चाह रही थी।

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