“दीवाली के मौसम में बच्चों ने सीखा हुनर — पानी, तेल और फूलों से बनाए आकर्षक दीये”
बालोद: शासकीय कन्या प्राथमिक शाला क्रमांक-1, बालोद में “बैगलेस डे” के अवसर पर बच्चों के लिए एक विशेष गतिविधि आयोजित की गई। इसमें विज्ञान के प्रयोग के साथ-साथ एक उपयोगी और रोजगारमूलक हुनर भी सिखाया गया।
इस गतिविधि में बच्चों ने पानी, तेल और फूलों का उपयोग कर आकर्षक दीये बनाना सीखा। कार्यक्रम का उद्देश्य था कि बच्चे विज्ञान को समझते हुए अपनी रचनात्मकता और कौशल का उपयोग घर की सजावट में करें।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के उस उद्देश्य के अनुरूप है जिसमें कौशल आधारित शिक्षा (Skill-Based Learning) और अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हुआ।
दीवाली के पर्व को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई, ताकि बच्चे घर पर खुद दीये बनाकर न केवल घर को सजा सकें, बल्कि बाज़ार से दीये खरीदने का खर्च भी बचा सकें। इस तरह से बच्चों में आत्मनिर्भरता और सृजनात्मक सोच दोनों का विकास हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधान पाठक एस. के. आसिफ़ रिज़वी के मार्गदर्शन में तथा सहायक शिक्षक कीर्तन लाल पटेल के सहयोग से किया गया। दोनों शिक्षकों ने बच्चों को न केवल प्रयोग की प्रक्रिया समझाई, बल्कि यह प्रेरणा भी दी कि शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी जीवन में आवश्यक है।
इस पहल से विद्यालय में वैज्ञानिक जिज्ञासा, कला और आत्मनिर्भरता का सुंदर संगम देखने को मिला। बच्चों के उत्साह और नवाचार की सभी ने सराहना की।



