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*यातायात पुलिस बालोद के द्वारा आत्मानंद स्कूल आमापारा के बच्चों को यातायात नियमों एवं साइबर जागरूकता की दी गई जानकारी*

 

 मुख्य रूप से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं के कारण बताते हुए नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने की दी गयी समझाइस ।

 

 यातायात पुलिस बालोद की स्कूल प्रबंधकों एवं पालकों से अपील अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न दें, यातायात नियमों का सदैव पालन करेें।

 

पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देशन पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बालोद देवांश सिंह राठौर एवं यातायात प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में यातायात बालोद द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं नाबालिक वाहन चालक बच्चों के पालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से यातायात जागरूकता अभियान एवं बच्चों के सोशल मीडिया प्रयोग के दौरान साइबर ठगी से बचने के उपाय के संबंध में विस्तार से बताया गया।

आज दिनांक 15.09.2025 को यातायात जागरूकता के साथ-साथ साइबर जागरूकता अभियान के तहत् स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल आमापारा बालोद में जाकर स्कूली बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों से अवगत कराते हुए, यातायात नियमों एवं संकेतों के बारे मे बताया गया साथ ही स्कूली नाबालिग छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहन नहीं चलाने के समझाईश दिया गया, साथ ही बच्चों को बताया गया की नाबालिग बालक-बालिका वाहन चलाते पाएं जाते है तो उनके पालकों को 25,000-25,000रू. अर्थदण्ड एवं तीन वर्ष तक की सजा संबंधी मोटरयान अधिनियम के प्रावधानो के बारे में अवगत कराया गया।

 

यातायात पुलिस बालोद स्कूल प्रबंधको एवं पालको से अपील किया जाता है कि नाबालिक छात्र-छात्राओं से सड़क दुर्घटनाएं न हो इसके लिए अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवें। हमेशा यातायात नियमों का पालन करे, शराब सेवन कर खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए अपने तथा अन्य व्यक्तियों की जान जोखिम में न डाले हमेशा यातायात नियमों का पालन करे आम जनो एवं वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए बालोद पुलिस सदैव तत्पर है। संयमित गति से वाहन चलाएं एवं वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावंे।

*साइबर जागरूकता – डिजिटल युग में सुरक्षित रहने की सीख*

साइबर अपराधों से बचाव हेतु विद्यार्थियों को बताया गया कि मोबाइल का लत एवं गलत उपयोग कैसे विद्यार्थी जीवन को प्रभावित करता है, सोशल मीडिया अपराध, ऑनलाइन गेमिंग, अनजान लिंक और ओटीपी शेयरिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड के खतरों के बारे में बताया गया। मोबाइल का उपयोग पढ़ाई एवं कौशल विकास हेतु नियंत्रित समय सीमा में करने सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग, मजबूत पासवर्ड, और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने के टिप्स दिए गए।

छात्रों को यह भी जानकारी दी गई कि साइबर अपराध होने की स्थिति में वे 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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